बताया सोडियम सल्फेट निकला यूरिया
तलाशी के दौरान दोनों गाड़ियों के चालकों ने बताया कि गाड़ियों में सोडियम सल्फेट है। गाड़ियों में रखे पैकेट खोलकर देखे गए तो उनमें टेक्निकल ग्रेड यूरिया के पैकेट निकले। कृषि विभाग को सैंपल भेजे गए। जांच के बाद पता चला कि पैकेटों में नीम कोडिड यूरिया है। यह यूरिया सरकार किसानों को कम दामों में उपलब्ध कराती है। गाड़ियों से लगभग 60 हजार किलो नीम कोडिड यूरिया मिली, जिसकी अनुमानित कीमत एक करोड़ रुपये से ज्यादा की बताई जा रही है।
अन्य राज्यों में कर रहे थे खपत
जांच में पता चला कि दिल्ली की फर्म नीम कोटेड यूरिया को टेक्निकल ग्रेड यूरिया के कट्टों में भरती है। सासनी से लोड कर यह कट्टे अन्य राज्यों में खपत की जाती है। दिल्ली की फर्म पर और वाहन चालकों पर 3/7 की हुई कार्यवाही की गई है। माल को आसानी से एक राज्य से दूसरे राज्य पहुंचाने के लिए नकली कागजों का भी इस्तेमाल किया जाता है। कागजों में सोडियम सल्फेट था। कट्टे टेक्निकल ग्रीन यूरिया के थे और अंदर नीम कोडिड यूरिया थी। दोनों ही गाड़ियों के नंबर राजस्थान के हैं।