आगरा में आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक एमजी रोड पर एलिवेटेड मेट्रो ट्रैक बनेगा। 1529 करोड रुपए से बनेगा ट्रैक, टेंडर जारी।
आगरा, 1 दिसम्बर। आगरा में मेट्रो का दूसरा कॉरिडोर का काम शुरू होने जा रहा है मेट्रो का दूसरा कॉरिडोर आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक बनेगा। इससे पहले कॉरिडोर में ताजमहल से सिकंदरा तक मेट्रो ट्रैक और स्टेशन बनाए जा रहे हैं।
15 किलोमीटर का दूसरा कॉरिडोर जिसके लिए 1529 करोड़ का टेंडर पास
आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक आगरा मेट्रो 15 किलोमीटर लंबा है इस मैच 14 एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन बनेंगे।आगरा मेट्रो के दूसरे कॉरिडोर के लिए 1529 करोड रुपए का टेंडर पास किया गया है इसमें सिविल कार्य के साथ ही वाटर सप्लाई, सीवेज सिस्टम ड्रेनेज सिस्टम सहित अन्य कार्य होंगे। टेंडर में आवेदन के लिए 23600 की जमानत राशि जमा करनी होगी 19 जनवरी को टेंडर आवंटित किए जाएंगे।
जानिए दूसरे कॉरिडोर में आपके घर के पास कौन सा स्टेशन
आगरा कैंट
सदर बाजार
प्रतापपुरा
कलक्ट्रेट
आगरा कॉलेज
हरीपर्वत
संजय प्लेस
एमजी रोड
सुल्तानगंज की पुलिया
कमला नगर
रामबाग
फाउंड्री नगर
मंडी समिति
कालिंदी विहार
आगरा के प्रमुख मसाला कारोबारी मुंशी पन्ना के घर गोदाम और दुकान पर एक साथ आयकर विभाग ने मारे छापे. 2015 में भी पढ़ चुका है आयकर विभाग का छापा
आगरा, 1 दिसंबर। गुरुवार की शाम को आयकर विभाग ने करीब आधा दर्जन आयकर अधिकारियों की टीम के साथ मुंशी पन्ना मसाले के घर गोदाम फैक्ट्री पर एक साथ आयकर के छापे मारे।
आने-जाने पर रोक
गुरुवार की शाम 12 घंटे से चल रही कार्यवाही चल रही है आयकर विभाग ने कारोबारी के रावतपाड़ा स्थित दुकान नुनहाई और कुबेरपुर स्थित फैक्ट्री कमला नगर स्थित घर पर एक साथ छापे मारे। व्यापारी के यहां उपलब्ध दस्तावेज कंप्यूटर और लेखे जोखो की जांच पड़ताल की जा रही है आयकर विभाग को बड़ी टैक्स चोरी पकड़ी जाने की उम्मीद है। आयकर छापे के बाद पुलिस ने घर फैक्ट्री व दुकान पर आने-जाने पर पाबंदी लगा दी है। जैसे ही कारोबारी के परिजनों को आयकर सर्वे की सूचना मिली तो वहां पहुंच गए लेकिन पुलिस ने किसी को भी अंदर नहीं जाने दिया
पहले भी पढ़ चुका है आयकर विभाग का छापा
2015 में पहले भी हो चुका है मुंशी पन्ना वालों पर आयकर विभाग का सर्वे। विभागीय सूत्रों के अनुसार मुंशी पन्ना मसाले वालों रोज का कारोबार लाखो रुपए में है। लेकिन कारोबारी द्वारा इनकम टैक्स न के बराबर जमा किया जाता है इसलिए आयकर विभाग को बड़ी टैक्स चोरी की आशंका है
