आज
रात 28 और 29 अक्टूबर की मध्यरात्रि 1 बजकर 05 मिनट पर
पड़ेगा साल का दूसरा और
आखरी चंद्र ग्रह।इसीलिए
आज शाम 4 बजकर 05 मिनट यानि 9 घंटे पहले
से शुरू हो जायेगा सूतक
काल।
यह
एक तरह का खंडग्रास चंद्र ग्रहण
होगा| क्योकि जब पृथ्वी की
छाया चंद्रमा के कुछ भाग
पर पड़ती है तो इसे
खंडग्रास यानि आंशिक चंद्र ग्रहण कहते हैं| चंद्र ग्रहण लगना ज्योतिष शास्त्र और
विज्ञानं दोनों में ही बहुत महत्वपूर्ण
माना जाता है | टाइम्स ऑफ इंडिया ने उल्लेख किया: "यह खगोलीय घटना मेष राशि के तहत अश्विन माह में शरद पूर्णिमा पर होने जा रही है।"
चंद्र ग्रहण का समय
भारत
में आंशिक चंद्र ग्रहण 28 अक्टूबर, 2023 को दिखाई देगा। चंद्र ग्रहण 28 अक्टूबर को
रात 11:30 बजे पर शुरू होगा और 29 अक्टूबर को 3:56 बजे पर समाप्त होगा। सबसे बड़ा ग्रहण
29 अक्टूबर को 1:45 AM पर होगा। चंद्र ग्रहण
का मुख्य चरण यानी अम्ब्रा स्टेज या गहरी छाया 29 अक्टूबर की रात 1 बजकर 5 मिनट से
शुरू होकर 2 बजकर 24 मिनट पर समाप्त होगा, जिसकी अवधि 1 घंटा 19 मिनट रहेगी| ग्रहण
का आरंभ मध्य रात्रि 1 बजकर 5 मिनट, मध्य 1 बजकर 44 मिनट और ग्रहण का मोक्ष 2 बजकर
40 मिनट पर होगा|
क्यों होता है
चंद्र ग्रहण!
ग्रहण तब
घटित होता है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीधी रेखा में आ जाते हैं। जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है तो पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है, जिससे ग्रहण होता है। चंद्र ग्रहण तीन प्रकार के होते हैं छायाकल्प, खंडग्रास और खग्रास। इस समय लगने वाला चंद्र ग्रहण चंद्र ग्रहण प्रकार का होता है। इसी महीने 14 अक्टूबर को वलयाकार सूर्य ग्रहण लगा था| सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण एक के बाद एक घटित होते रहते हैं। चंद्रमा-बृहस्पति की युति देखने का मौका है. शरद पूर्णिमा पर लगने वाले इस ग्रहण के दौरान पृथ्वी के निकट चंद्रमा के साथ बृहस्पति की युति दिखाई देगी। अगले सप्ताह पृथ्वी के निकट आने पर बृहस्पति बड़ा और चमकीला दिखाई देगा।
